तू मांगे सर्दी में अमियां जो मांगे गर्मी में मूंगफलियां तू बारिश में अगर कह दे जा मेरे लिए तू धूप खिला तो मैं सूरज तो मैं सूरज को झटक दूंगा तो मैं सावन को गटक लूंगा तो सारे तारों संग चंदा मैं तेरी गोद में रख दूंगा बस मेरे लिए तू खिल के कभी मुस्कुरा देना आज से मेरी सारी सदियां तेरी हो गई आज से तेरा, पल मेरा।

In Pasta
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